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strangers!!!!
कौन रखता हे नाम यादो को लोग तो चेहरे भी भूल जाते हे मुश्किलो मे अपने भी यंहा अपनो को छोड़ जाते हे...
भीड़ मे टकराके वो अपने मे सिमट जाते हे कहते हे दोस्त और फिर दर्द वोही दुश्मन् सा दे जाते हे....
ना कहना अपनी किसीको ये दुनिया हे परायो की यंहा तो हस्ते हस्ते लोग ज़खहम नये दे जाते हे...
किनारे पे लाके कश्ती को डूबा जाते हे....कश्ती को डूबा जाते हे....
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